यह चौंकाने वाला मामला बदायूं के एक साधारण किसान भोला सिंह से जुड़ा है। भोला के होश तब फाख्ता हो गए जब उन्हें पता चला कि दिल्ली के नारायणा औद्योगिक क्षेत्र में उनके नाम से 'राम स्टोर' नामक एक फर्म संचालित हो रही है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, इस फर्म पर 1.02 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स बकाया है, जबकि जीएसटी कार्यालय ने 13.63 करोड़ रुपये की भारी-भरकम देनदारी का नोटिस थमा दिया है।
परेशान किसान ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा, मैं तो कभी दिल्ली गया ही नहीं, फिर यह दुकान मेरी कैसे हुई? अगर मैं अपनी सारी पुश्तैनी जमीन और जायदाद भी बेच दूं। तब भी इस रकम का एक हिस्सा तक नहीं चुका पाऊंगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बदायूं के डीएम अवनीश राय ने तत्काल एक्शन लिया है। शुरुआती जांच में यह मामला धोखाधड़ी और पहचान की चोरी का लग रहा है, जहां किसान के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर फर्जी फर्म बनाई गई। डीएम ने अपर जिलाधिकारी और उपायुक्त की एक दो सदस्यीय टीम गठित कर दी है। प्रशासन अब उस मास्टरमाइंडकी तलाश में है जिसने एक गरीब किसान के नाम पर करोड़ों का काला खेल खेला। फिलहाल, यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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